पेट के अल्सर (Peptic Ulcer) और H. pylori इन्फेक्शन का कारण, लक्षण और इलाज

This health guide is researched and prepared by Dr. Akhilesh's clinical medical team and reviewed by Dr. Akhilesh Yadav. It is for general educational purposes only and does not constitute expert clinical advice. Always consult a physician for individual diagnostics.
पेट और आंतों में होने वाले छालों (Peptic Ulcers) का सबसे बड़ा कारण है H. pylori बैक्टीरिया। जानिए इसके लक्षण, एंटीबायोटिक इलाज और अल्सर-फ्रेंडली डाइट।
बहुत से लोग सोचते हैं कि पेट के अल्सर (Peptic Ulcers) केवल अत्यधिक मसालेदार भोजन खाने या मानसिक तनाव से होते हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान ने यह साबित किया है कि पेट के अधिकांश अल्सर एक बैक्टीरिया के कारण होते हैं जिसे हेलीकोबैक्टर पायलोरी (Helicobacter pylori - H. pylori) कहते हैं। यह बैक्टीरिया पेट की सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे पेट का एसिड पेट की दीवारों को जलाकर घाव (अल्सर) बना देता है।
⚠️ H. pylori इन्फेक्शन और अल्सर के लक्षण
यदि आपके पेट में निम्नलिखित लक्षण हैं, तो यह पेट के अल्सर का संकेत हो सकता है:
- पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या सुई चुभने जैसा दर्द (खाली पेट होने पर दर्द का अधिक बढ़ना)
- खाना खाने के बाद पेट में अत्यधिक भारीपन महसूस होना या थोड़ी देर में दर्द ठीक हो जाना
- लगातार खट्टी डकारें आना, गैस बनना और जी मिचलाना
- गंभीर मामलों में काले रंग का मल आना (Melena) या खून की उल्टी होना, जो पेट के अंदर खून बहने का संकेत है
🔬 एंडोस्कोपी द्वारा सटीक जांच
पेट के अल्सर और H. pylori का पता लगाने के लिए एंडोस्कोपी (Upper GI Endoscopy) सबसे सटीक तरीका है। एंडोस्कोपी के दौरान डॉक्टर पेट की परत से एक छोटा सा सैंपल लेते हैं जिसे 'Rapid Urease Test' या बायोप्सी के लिए भेजा जाता है। इसके अलावा, H. pylori की जांच के लिए यूरिया ब्रीथ टेस्ट (Urea Breath Test) और स्टूल एंटीजन टेस्ट भी किए जाते हैं।
💊 H. pylori का इलाज (Triple Therapy)
यदि जांच में H. pylori बैक्टीरिया पाया जाता है, तो डॉक्टर 10 से 14 दिनों का एक विशिष्ट एंटीबायोटिक कोर्स देते हैं जिसे 'H. Pylori Eradication Therapy' या ट्रिपल थैरेपी कहते हैं। इसमें एसिड कम करने वाली दवा (PPI) के साथ दो अलग-अलग एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं। इस कोर्स को बिना छोड़े पूरा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि बैक्टीरिया पूरी तरह नष्ट हो जाए और भविष्य में अल्सर दोबारा न हो।
🥗 अल्सर के मरीजों के लिए डाइट के नियम
अल्सर को जल्दी ठीक करने के लिए खानपान में निम्नलिखित बदलाव करें:
- मिर्च-मसाले, तली चीजें, खट्टे फल (नींबू, संतरा), और सिरके का सेवन बंद करें क्योंकि ये घावों में जलन बढ़ाते हैं।
- चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और धूम्रपान से पूरी तरह बचें। निकोटीन और कैफीन पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ाते हैं।
- पत्तागोभी का रस, ठंडी दही, दलिया, लौकी की सब्जी और उबले आलू अल्सर को शांत करने में सहायक होते हैं।
- एक बार में ज्यादा खाने के बजाय हर 3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाएं।
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🩺Peptic Ulcer Disease — Treatment in Ranchi
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Clinically Reviewed By

Dr. Akhilesh Yadav
MBBS, MD, DM (Gastroenterology)
Gastroenterologist & Hepatologist · Orchid Medical Centre, Ranchi
This article has been clinically reviewed and approved by Dr. Akhilesh Yadav (MBBS, MD, DM (Gastroenterology)). Dr. Yadav practises at Orchid Medical Centre, HB Road, Ranchi, with 10+ years of specialist experience in gastroenterology and hepatology.
Medical Disclaimer: This content is for general educational purposes only and does not constitute medical advice, diagnosis, or treatment. Always consult a qualified physician for personal health decisions.
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